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Budget 2026 STT में बढ़ोतरी – Futures & Options पर टैक्स हुआ महंगा

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📊 🌍 STT में बढ़ोतरी – Futures & Options पर टैक्स हुआ महंगा

Budget 2026 (FY 2026-27) में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Equity Derivatives (Futures & Options) पर Securities Transaction Tax (STT) को बढ़ाने का ऐलान किया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इस फैसले का मकसद उच्च-स्तर की सट्टा-आधारित ट्रेडिंग को सीमित करना और मार्केट में “स्वस्थ निवेश-व्यवहार” को प्रोत्साहित करना बताया जा रहा है। 


📈 STT में क्या बदलाव हुआ?

अब से derivatives पर STT की दरें इस प्रकार होंगी:

Instrumentपहले STT (%)नया STT (%)
Futures (पर बिक्री मूल्य पर)0.02%0.05%
Options (प्रीमियम पर)0.10%0.15%
Options (एक्सरसाइज पर)0.125%0.15%

👉 इसका मतलब है कि F&O ट्रेडिंग महंगी हो जाएगी — हर लेन-देन पर अब पहले से ज़्यादा टैक्स देना पड़ेगा। 


🧐 क्यों बढ़ाया गया STT?

सरकार ने बताया है कि:

🔹 F&O मार्केट में अत्यधिक सट्टा-आधारित ट्रेडिंग बढ़ी है।
🔹 SEBI के आंकड़ों के मुताबिक बड़े हिस्से के रिटेल ट्रेडर्स नुकसान में हैं, और speculation बाजार में असंतुलन पैदा कर रही है।
🔹 STT बढ़ाकर इसका उद्देश्य स्पेक्युलेटिव ट्रेडिंग को धीरे-धीरे कम करना और निवेशकों को लंबी अवधि के निवेश पर फोकस करने को प्रेरित करना है। 

सरकार ने कहा है कि STT रेट बढ़ाने का फैसला केवल F&O (equity derivatives) पर लागू होगा — अन्य STT रेट्स पर फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है। 


💸 F&O ट्रेडर्स और मार्केट पर असर

📌 ट्रेडिंग कॉस्ट बढ़ेगी: frequent traders और high-frequency strategies के लिए अब हर लेन-देन पर अधिक टैक्स देना पड़ेगा, जिससे नफा कम हो सकता है।

📌 मार्केट रिस्पॉन्स: STT hike की खबर आते ही शेयर बाजार में गिरावट देखी गई — Sensex और Nifty दोनों दबाव में आए।

📌 Brokerage पर प्रभाव: Derivatives आय का एक बड़ा हिस्सा brokerage कंपनियों को F&O ट्रेडिंग से मिलता है — STT hike से volumes घटने के कारण brokers की आमदनी पर असर पड़ सकता है। 

📌 लिक्विडिटी पर असर: उच्च टैक्स दरें छोटे और मध्यम निवेशकों को F&O से दूर कर सकती हैं, जिससे बाजार में liquidity कम हो सकती है। 


✔️ निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

📍 लॉन्ग-टर्म निवेशकों पर असर काफी कम माना जा रहा है — क्योंकि STT hike मुख्यतः short-term speculative ट्रेडिंग को टारगेट करता है।

📍 Retail traders जो रोजाना F&O positions लेते हैं, उन्हें अब हर ट्रांजैक्शन पर अधिक टैक्स देना होगा — इसका असर उनके overall returns पर पड़ेगा। 

📍 Margin और leverage-based strategies पर भी प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि cost structure बदल गया है। 


📝 निष्कर्ष (Blogger Style)

Budget 2026 में STT hike का फैसला स्टॉक मार्केट के F&O सेगमेंट में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। जबकि इसका सीधा लक्ष्य speculation को कम करना और “स्वस्थ निवेश” को बढ़ावा देना है, इसका तेजी से सक्रिय ट्रेडर्स और brokerage ecosystem पर महत्वपूर्ण प्रभाव दिखाई दे रहा है — खासकर short-term traders के लिए।

👉 अगर आप F&O ट्रेडिंग करते हैं, तो यह टैक्स बदलाव आपकी trading strategy, break-even cost और जोखिम-प्रबंधन दृष्टिकोण में अवश्य ध्यान देने वाली बात है।



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