✈️ LRS पर TCS में कटौती – विदेश यात्रा, पढ़ाई और इलाज पर बड़ी राहत
Budget 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आमTaxपेयर्स और परिवारों के लिए एक बड़ी राहत वाली घोषणा की है — Liberalised Remittance Scheme (LRS) के तहत विदेश भेजे जाने वाले पैसों पर Tax Collected at Source (TCS) की दर को काफी घटा दिया गया है। इससे विदेश यात्रा, पढ़ाई और इलाज के खर्च पर टैक्स-दबाव कम होगा।
🧾 LRS (Liberalised Remittance Scheme) और TCS क्या है?
🔹 LRS वह RBI की स्कीम है जिसके तहत भारत में रहने वाले व्यक्ति सालाना USD 250,000 तक किसी भी वैध कारण (जैसे पढ़ाई, इलाज, यात्रा, निवेश आदि) से पैसे विदेश भेज सकते हैं।
🔹 TCS (Tax Collected at Source) वह टैक्स है जो बैंक/authorized dealer विदेश भेजी जाने वाली राशि पर पहले ही काट लेते हैं। यह टैक्स अंत में आपकी Income Tax Liability में Adjust हो जाता है या Refund भी मिल सकता है।
📉 अब क्या बदलाव हुआ है?
Budget 2026 में रेशम-सी सरल और सस्ती overseas remittances के लिए TCS की दर में बड़ी कटौती की गई है 👇:
🏫 विदेश पढ़ाई और इलाज
✔ पहले LRS के तहत शिक्षा और हेल्थ संबंधित पैसों पर 5% TCS लगता था
✔ अब यह 2% TCS कर दिया गया है
➡ इससे छात्रों और उनके परिवारों का upfront खर्च कम हो जाएगा और foreign education funding आसान होगी।
✈️ विदेश यात्रा (Tour Packages)
✔ पहले ट्रैवल पैकेज पर अलग-अलग दरें (5% या 20%) थी
✔ अब इसे uniform 2% TCS पर कर दिया गया है
➡ इससे यात्रा खर्च पर टैक्स बोझ बेहद कम होगा।
💰 ये राहत क्यों मायने रखती है?
📌 कम upfront टैक्स: विदेश पढ़ने, इलाज या यात्रा के लिए पैसा भेजते समय बैंक पहले TCS काट लेता है — अब कम कटौती होगी, जिससे cash flow सीधे आपके पास रहेगा।
📌 विदेश पढ़ाई सस्ती: कई देशों में एडमिशन के लिए upfront funds दिखाने की ज़रूरत होती है — कम TCS से families का financial burden घटेगा।
📌 परिवारों को राहत: मेडिकल या emergency health treatment के खर्च भी अब थोड़ा आसान होंगे।
📌 Travel cost сниज़: हाई-value holiday packages पर पहले भारी TCS कटता था — अब flat 2% rate से अनुमानित खर्च काफी कम होगा।
🧠 यह ध्यान में रखें
✅ TCS कटौती education, medical और travel जैसे जरूरी खर्चों पर लागू है।
✅ यदि remittance loan-backed है (जैसे student loan), तो पहले कुछ exemptions भी रहे हैं — इससे फायदा बढ़ सकता है।
✅ अन्य remittances (जैसे investments abroad) पर अलग नियम और दरें हो सकते हैं।
✍️ निष्कर्ष (Style)
Budget 2026 का यह कदम middle class और families के लिए सकारात्मक बदलाव साबित हो रहा है। विदेश यात्रा, पढ़ाई और इलाज से जुड़े बड़े खर्चों पर पहले जैसा भारी upfront TCS अब नहीं लगेगा। इससे cash flow बाधा कम होगी और भारत से बाहर शिक्षा तथा travel जैसे सपनों को पूरा करने का खर्च थोड़ा सस्ता और आसान बनेगा।
👉 दुनिया के लिए कदम बढ़ाना अब कम टैक्स-झंझट वाला और कम खर्चीला अनुभव होगा — खासकर जब बात विदेश की पढ़ाई या treatment की हो।
