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Budget 2026 - नया Income Tax Act 2025

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🧾 नया Income Tax Act 2025 — Overview

🎯 लागू तारीख: 1 अप्रैल 2026
📜 क्या बदल रहा है:

  • पुराना आयकर कानून (1961) हटकर नया Tax Act लागू होगा

  • टैक्स दरों में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं

  • टैक्स नियमों, Sections, और Forms को आसान बनाया जाएगा 


🧠 मुख्य बदलाव (Simple & Reader-Friendly)

1) 📅 Single Tax Year बनाएगा System Simple

अब “Previous Year + Assessment Year” की उलझन ख़त्म होगी और एक Single Tax Year (April 1 – March 31) लागू होगा। इससे टैक्स फाइलिंग और गणना आसान हो जाएगी।


2) 📉 कानून में Sections लगभग आधे हो जाएंगे

नई कानून में नियमों और Sections की संख्या लगभग 50 % कम कर दी गई है ताकि पढ़ना और समझना आसान हो। इससे विवाद और कोर्ट-केस की संभावना भी घट सकती है। 


3) 📊 टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं

नया Act टैक्स रेट्स या स्लैब को बदलता नहीं है – मौजूदा दरें वैसी की वैसी रहेंगी, इसलिए taxpayers को नई दरों की वजह से बोझ का सामना नहीं करना पड़ेगा। 


4) 📥 ITR फ़ॉर्म और नियम आसान होंगे

ITR फ़ॉर्म और टैक्स नियम ऐसे redesigned किए जाएंगे कि आम टैक्सपेयर भी आसानी से टैक्स फाइल कर सके बिना ज़्यादा जटिलताओं के। 


5) 🕐 ITR Filing में Flexible Deadlines

Budget में बताया गया कि

  • ITR-1 एवं ITR-2 फ़ाइलिंग की नई आख़िरी तारीख 31 जुलाई होगी

  • Non-audit business returns के लिए 31 अगस्त तक की समय सीमा तय है

  • Late filing पर TDS Refund भी claim किया जा सकता है बिना ज़्यादा penalties 


6) 📜 TDS & TCS नियम भी Simplify

NRI property transactions और TDS calculations को भी user-friendly बनाया जा रहा है जैसे कि purchasing property से TDS अब सिर्फ PAN आधारित होगी, पहले जहाँ TAN की भी ज़रूरत होती थी। 


🎯 इस बदलाव का मतलब (Why It Matters)

✔ टैक्स सिस्टम अब नया, सरल और कम Complex होगा
✔ Filing और Forms समझने में आसान होंगे
✔ Litigation और टैक्स disputes में कमी आएगी
✔ आम टैक्सपेयर के लिए Life सरल बनेगी


✍️ Final Thoughts (Style)

Budget 2026 में Income Tax Act, 2025 का लागू होना एक historic reform माना जा रहा है। यह बदलाव टैक्स दरों को ज़्यादा नहीं बदल रहा, लेकिन कानून की भाषा, नियमों और प्रोसेस को आसान, तर्कसंगत और taxpayers-friendly बनाकर compliance को बेहतर बनाता है।

जो बदलाव आए हैं, वे सिर्फ रेट्स नहीं, बल्कि complete system-level simplification पर केंद्रित हैं — यह middle class, salaried employees, freelancers और business owners सबके लिए राहत की खबर है।

👉 अब टैक्स का गणित आसान, transparent और disputes-free बनना शुरू होगा — ऐसा बदलाव जो सालों से taxpayers चाहते थे। 



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