Budget 2026: Infrastructure का बड़ा Push — Capital Expenditure Records तक बढ़ा!
आज, 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। सबसे बड़ा आकर्षण इस बजट में Infrastructure और Capital Expenditure पर खास जोर रहा, जो भारत की विकास कहानी को नई गति देगा।
💰 Capital Expenditure (CapEx) में बड़ा ऐलान
🔹 इस बजट में Capital Expenditure को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया है, जो पिछले बजट के ₹11.2 लाख करोड़ से काफी अधिक है।
🔹 यह CapEx वृद्धि लगभग 9% का Growth दर्शाती है और इसे देश की Infrastructure-led growth रणनीति का केंद्र माना जा रहा है।
📌 Capital Expenditure क्या है?
सरकार की वह राशि जो लंबी अवधि के प्रोजेक्ट्स जैसे सड़कें, रेलवे, बंदरगाह, पावर प्रोजेक्ट्स, हाउसिंग, शहरों का विकास आदि में लगाई जाती है — जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
🏗️ Infrastructure पर केंद्रित बजट — क्यों खास?
Budget 2026 में Infrastructure सिर्फ खर्च नहीं — Growth का इंजन माना गया है:
✅ Tier-2 और Tier-3 शहरों के विकास पर फोकस बढ़ा।
✅ Infrastructure Risk Guarantee Fund की योजना जिससे private investment भी आकर्षित हो।
✅ 20 नई National Waterways और कई transport projects का ऐलान।
✅ Seven High-Speed Rail Corridors की योजना भी पेश की गई।
इन पहलों का उद्देश्य बेहतर connectivity, लॉजिस्टिक्स सुधार, और काम के अवसर पैदा करना है।
📊 बजट का Infrastructure-led Growth Vision
ऋणात्मक बाज़ार स्थितियों और वैश्विक चुनौतियों के बीच, भारत की अर्थव्यवस्था को स्थिर वृद्धि (Growth) और रोज़गार (Jobs) की आवश्यकता है। इसी वजह से इस बजट में:
🔸 CapEx को प्रमुख Growth lever के रूप में रखा गया है
🔸 Infrastructure को economy का backbone बनाने की कोशिश की गई है
🔸 Public CapEx का historical trajectory भी उल्लेखनीय रहा है — इसे 2014-15 के ~₹2 लाख करोड़ से आज के ₹12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाया गया है।
📌 Budget 2026 — Quick Wrap Up
🎯 Capital Expenditure: ₹12.2 लाख करोड़ (FY27)
🎯 Infrastructure Focus: Transport, Urban, Waterways, High Speed Rail
🎯 New Schemes: Risk Guarantee Fund, Private Participation boost
🎯 Growth Strategy: Infrastructure-led development to drive GDP, jobs & private investment
✍️ Final Thoughts (Blogger Style)
Budget 2026 ने स्पष्ट संकेत दिया है कि भारत अब Infrastructure को सिर्फ खर्च नहीं बल्कि Growth का catalyst मान रहा है। Capital Expenditure का record-level hike न केवल सड़कें और रेलें बनाएगा — बल्कि नई संभावनाओं का बाजार खोलेगा:
➡ Real estate, logistics sector,
➡ Manufacturing ecosystem,
➡ Urban employment opportunities,
➡ और बेहतर regional connectivity।
अगर आप इंडिया की विकास कहानी को करीब से देखना चाहते हैं, तो यह बजट एक माइलस्टोन साबित होने जा रहा है।